बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के एक बच्चे ने पबजी गेम खेलते हुए कुछ ही दिनों में अपनी मां के पर्स से 10 हजार रुपये की राशि खर्च डाली। मां ने ये धन घर के खर्च और बच्चों की स्कूल फीस देने के लिए रखा था। हालांकि, घरवालों को पता लगने के बाद यह राशि किसी दूसरे गांव के लड़के पास बरामद हुई।
बच्चे की मां ने बताया कि बच्चा ऑनलाइन स्टडी के बहाने फोन पर पबजी गेम खेलता था। जिस दोस्त के साथ खेलता था, वह उससे पैसों की मांग करता था। धीरे-धीरे मेरे बेटे ने दस हजार रुपये की राशि पबजी गेम को खेलने के चक्कर में अपने दोस्त को दे डाली। बड़ी बात है कि काफी दिनों तक घरवालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। काफी समय बाद जब मां ने पर्स में पैसे देखे तो उसके होश उड़ गए। इस पर अपने बेटे से रुपये के बारे में पूछताछ की तो काफी मशक्कत के बाद लड़के ने बताया कि रुपये पबजी गेम खेलने के लिए अपने दोस्त को पांच सौ और दो हजार- दो हजार कर दिए हैं। बता दें कि अब भारत में पबजी गेम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अभिभावक अपनी देखरेख में करने दें फोन का इस्तेमाल: रंजीत कुमार
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रंजीत कुमार का कहना है कि पबजी की लत खतरनाक है। इस गेम को खेलने वालों में इस गेम की ऐसी लत लग जाती है कि उनका मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित होने लगता है। जोकि मानसिक बीमारियों को जन्म देने में सहायक होता है। अभिभावकों से अनुरोध है कि बच्चों को मोबाईल फोन अपनी देखरेख में यूज करने के लिए दें और ऑनलाईन गेम्स के दुष्परिणामों से भी अवगत कराएं।