जिला कांग्रेस ने वीरवार को केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय पर रोष रैली निकाल कर केंद्र के फैसले पर रोष जताया। इसके बाद एडीएम राजेश मारिया के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इससे पहले एमसी पार्क में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विरेंद्र धर्माणी की अध्यक्षता में नोटबंदी के विरोध में धरना दिया गया। विरेंद्र धर्माणी ने कहा कि नोटबंदी के कारण आम आदमी को परेशानी हो रही है। काला धन बाहर लाने के लिए मोदी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इससे आम जनता को हो रही परेशानी के विरोध में हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पांच प्रतिशत लोगों को निशाना बनाने के लिए देश के 95 प्रतिशत लोगों को परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि आज बैंकों से अपनी जमापूंजी निकालने के लिए लोगों को घंटो तक कतारों में लगे रहना पड़ रहा है। इसके बावजूद लोगों को बैंक में मात्र दो हजार रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से देश के हर वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए प्रतिदिन नोटबंदी पर अपने फैसले बदल रही है।
इस अवसर पर पूर्व विस उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा, पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष अविनाश कपिला, पीसीसी सदस्य सतपाल रायजादा, पीसीसी सचिव अजय जगोता, विवेक शर्मा विक्कू, प्रदेश मीडिया पैनेलिस्ट विजय डोगरा, कांग्रेस नेता दीपक लट्ठ, ऊना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हजारी लाल धीमान, हरोली ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत राणा, चिंतपूर्णी ब्लॉक अध्यक्ष मास्टर प्रीतम सिंह जंबाल, कुटलैहड़ ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र फौजी, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष करुण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष बोधराज भारद्वाज, कुशल सिंह रैणी, एडवोकेट धर्म सिंह, देवेंद्र वत्स, जिला व्यापार सेल के अध्यक्ष राकेश कैलाश, एसएन शुक्ला, विरेंद्र मनकोटिया, जिला खेल सेल के अध्यक्ष राजीव मार्शल, राकेश सैणी, विजय आंगरा, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष उर्मिला शर्मा, हरोली महिला अध्यक्ष मधु धीमान, अमन शर्मा, मदन मोहन सैणी, राहुल मैनन, कुलवंत मान, रमेश भारद्वाज, सोमनाथ, डॉ. रविंद्र शर्मा, कैप्टन शक्ति चंद, देसराज मोदगिल, पंडित ज्ञान चंद, राजिंद्र मलांगड़, मेहर चंद सुखिया समेत अजय चौधरी आदि उपस्थित रहे।