ऊना। अंब से झलेड़ा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत एनएचएआई की टीम ने सड़क पर मार्किंग का कार्य आरंभ कर दिया है। जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं या जहां सड़क की बनावट और यातायात की स्थिति के कारण हादसों की आशंका अधिक रहती है, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
एनएचएआई की तकनीकी टीम पूरे मार्ग का निरीक्षण कर दुर्घटना संभावित स्थानों का सर्वे कर रही है। सड़क पर विशेष निशान लगाकर ऐसे बिंदुओं को चिह्नित किया जा रहा है, जिनका बाद में विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई, मोड़, ढलान, दृश्यता, यातायात का दबाव और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर ब्लैक स्पॉट का अंतिम चयन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार ब्लैक स्पॉट चिह्नित होने के बाद इन स्थानों पर सुरक्षा संबंधी सुधार कार्य किए जाएंगे। इनमें चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, कैट आई, रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग, स्पीड लिमिट संकेतक, क्रैश बैरियर और आवश्यकता अनुसार कार्य किए जाएंगे। जिससे वाहन चालकों को पहले से खतरे वाले स्थानों की जानकारी मिल सके और वे वहां सावधानीपूर्वक वाहन चला सकें। बता दें कि अंब-झलेड़ा मार्ग जिला ऊना का व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग पंजाब और हिमाचल के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग होने के कारण यहां यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और कुछ स्थानों पर सड़क की भौगोलिक स्थिति के कारण इस मार्ग पर समय-समय पर सड़क दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं। बता दें कि अंब से झलेड़ा के बीच आए दिन सड़क हादसे होते हैं। इसमें कई लोगों की दुखद मौत भी हो चुकी है। ऐसे में हादसों पर लगाम कसने के लिए अब एनएचएआई ने धरातल पर कार्य शुरू कर दिया है।
अंब-झलेड़ा सड़क के बीच ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करने के लिए टीम मार्किंग कार्य कर रही है। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा ताकि सड़क हादसों पर लगाम लग सके।
-प्रतीक कुमार, उप प्रबंधक एनएचएआई हमीरपुर