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Una News: निजी स्कूलों पर कसेगा शिकंजा, शिक्षा विभाग की टीमें करेंगी औचक निरीक्षण

Wed, 01 Apr 2026 04:55 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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सुरक्षा, वाहन प्रबंधन और दस्तावेजों की होगी सख्त जांच, नियम उल्लंघन पर कार्रवाई तय
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ऊना। जिले में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और वाहन प्रबंधन की जांच के लिए शिक्षा विभाग अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इसके तहत विभाग की टीमें सभी निजी स्कूलों में औचक निरीक्षण करेंगी और व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन करेंगी।
विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान स्कूलों में नियमों के पालन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, भवन की स्थिति, स्टाफ की नियुक्ति और परिवहन व्यवस्था की विस्तार से जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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टीमें बसों और अन्य वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और आपातकालीन द्वार जैसी सुविधाओं की उपलब्धता की जांच करेंगी। इसके अलावा वाहन चालकों के वैध लाइसेंस, परिचालकों की तैनाती और वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र भी जांचे जाएंगे। बिना अनुमति वाहन संचालन या ओवरलोडिंग पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान स्कूल भवनों की स्थिति, अग्नि सुरक्षा इंतजाम, कक्षाओं की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई का भी मूल्यांकन होगा। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त शिक्षक और कमरे उपलब्ध हैं या नहीं। साथ ही स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड, छात्राओं के लिए अलग शौचालय और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की भी जांच की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधनों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। निरीक्षण के दौरान स्कूलों से मान्यता और संबद्धता प्रमाणपत्र, स्टाफ का विवरण, शिक्षकों की योग्यता, विद्यार्थियों की संख्या, फीस संरचना, परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे जाएंगे।
इसके अतिरिक्त विभाग बिना पूर्ण मान्यता या नियमों के विपरीत संचालित हो रहे स्कूलों पर भी नजर रखेगा। ऐसे संस्थानों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर मान्यता रद्द करने या स्कूल बंद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार हाल के समय में निजी स्कूलों के खिलाफ फीस, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से संबंधित कई शिकायतें मिली थीं। इन्हीं के मद्देनजर यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
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कोट
अभियान का उद्देश्य स्कूलों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि छोटी कमियों पर सुधार का अवसर दिया जाएगा, जबकि गंभीर अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -सोमलाल धीमान , उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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