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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल में खड़ी निजी एंबुलेंस वाले नहीं ले सकेंगे अधिक किराया

Thu, 30 May 2024 03:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में खड़ी होने वाली निजी एंबुलेंस के संचालक तय किराए से अधिक रुपये नहीं वसूल कर पाएंगे। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं। प्रबंधन ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उनके साथ ऐसा होता है तो इसकी शिकायत सीधे तौर पर अस्पताल अधीक्षक के पास कर सकते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने पर गंभीर मरीजोंं को उपचार देकर आगामी उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से पीजीआई चंडीगढ़ के लिए ऑक्सीजन सहित एंबुलेंस का किराया 3000 रुपये तय किया गया है। हालांकि 108 एंबुलेंस की तरफ से पीजीआई चंडीगढ़ जाने का कोई किराया नहीं वसूल किया जाता है, लेकिन कई बार 108 एंबुलेंस आपातकाल में किसी मरीज को लाने के लिए गई हो तो आनन-फानन में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए निजी एंबुलेंस में जाना पड़ता है। ऐसे में कुछ निजी एंबुलेंस संचालक तय दाम से कई बार अधिक किराया भी वसूल कर लेते हैं। ऐसे में अधिक किराया देने के लिए परिजनों को मजबूर होना पड़ता है।
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बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना औसतन दस के करीब निजी एंबुलेंस मौजूद रहती हैं। वहीं, 108 एंबुलेंस की संख्या तीन है। अस्पताल में सबसे अधिक समस्या उस समय आती है जब कोई किसी हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीजों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में परिजनों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आलम यह है कि कुछ निजी एंबुलेंस संचालक पीजीआई चंडीगढ़ जाने के लिए 3000 रुपये के बजाय 3500 से 4000 रुपये वसूल कर रहे हैं। इन मामलों पर अस्पताल प्रबंधन ने निजी एंबुलेंस संचालकोंं को तय किराए के अनुसार ही मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा लोगों से भी मांग की है कि अगर कोई भी निजी एंबुलेंस संचालक तय किराए से अधिक लेता है तो उसकी सूचना अस्पताल परिसर के कमरा संख्या 111 में जरूर दें, ताकि ऐसे मामलों पर लगाम लगाई जा सके।

कोट्स
निजी एंबुलेंस संचालक तय किराया ही मरीजों के परिजनों से वसूल कर सकते हैं। इसे लेकर सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर कोई भी मामला इस प्रकार का सामने आता है तो उसकी सूचना जरूर दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
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डाॅ. संजीव मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना
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