पांच साल से बंद पड़ी सेवा के लिए प्रस्ताव तैयार, चिकित्सक को विशेष प्रशिक्षण दिलाने की योजना
अस्पताल के किसी एक विशेषज्ञ को कैंसर के लिए किया जाएगा विशेष रूप से प्रशिक्षित
क्षेत्रीय अस्पताल में करीब पांच साल पहले मिलती थी कैंसर के उपचार की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कैंसर रोगियों के उपचार और परामर्श की सुविधा पिछले पांच वर्षों से बंद पड़ी है। अब अस्पताल प्रबंधन ने इसे दोबारा शुरू करने के लिए कवायद तेज कर दी है। इसके तहत उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें एक चिकित्सक को देश के किसी विशेष कैंसर अस्पताल में कुछ माह का प्रशिक्षण दिलाने की योजना शामिल है। करीब पांच साल पहले अस्पताल की ओपीडी संख्या 115 में यह सुविधा शुरू की गई थी। उस समय अस्पताल के एक चिकित्सक को कैंसर उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया था। कुछ समय में उनके तबादले के बाद यह सुविधा बंद हो गई। खास बात यह है कि उस समय जरूरत पड़ने पर मरीजों को कीमोथैरेपी की सुविधा भी यहीं दी जाती थी।
अब दोबारा यह सेवा बहाल करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिस समय यह सुविधा सक्रिय थी, ओपीडी में कैंसर मरीजों की संख्या साढ़े तीन सौ से भी ऊपर पहुंच गई थी। इनमें से 140 मरीज कैंसर कंट्रोल यूनिट में पंजीकृत होकर मुफ्त दवाओं और उपचार का लाभ ले रहे थे। इस यूनिट के तहत शुरू की गई कीमोथैरेपी से 25 मरीजों का इलाज हुआ था।
कई सामाजिक संगठनों ने भी इस सुविधा को फिर से शुरू करने की मांग उठाई है। आगामी रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी यह मामला प्रमुखता से रखा जाएगा।
कोट
क्षेत्रीय अस्पताल में कैंसर के उपचार के लिए सुविधा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मांग को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। - डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना