संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बीते दिनों हुई बारिश के बाद वीरवार को मौसम साफ हो गया। धूप खिलने के बाद किसान आलू की बिजाई में जुट गए हैं।
इस साल 2,000 हेक्टेयर जमीन पर आलू की दो माह वाली फसल लगाई जा रही है। मक्की की फसल में अधिक मुनाफा न होने के बाद किसानों को आलू की इस फसल से फायदे की उम्मीद की है।
जिले में पहले के मुकाबले आलू की बिजाई करने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि बीते सालों में मक्की की फसल में अधिक मुनाफा नहीं हो रहा है। किसानों के लिए आलू ही एकमात्र विकल्प बचा है।
इस बार किसानों को आलू के बीच के लिए भी अच्छी खासी कीमत चुकानी पड़ी है। पंजाब के गोदामों में 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक बीज की बिक्री हुई। इसके बाद बीते दिनों बारिश से जमीन में पर्याप्त नमी आ गई। अब मौसम साफ होने पर किसानों ने आलू की बिजाई प्रारंभ कर दी है।
जिले के आलू को मिल रही अच्छी कीमत
इस समय मंडियों में आलू 25 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। जिस आलू की इस समय सप्लाई आ रही है, वह पंजाब और यूपी में स्टॉक किया हुआ है।
ऐसे में इस समय आसपास के किसी भी राज्य में आलू की फसल नहीं लगाई जा रही। ऊना क्षेत्र में दूसरे राज्यों के मुकाबले पहले आलू बीजा जाता है और मंडियों में भी इसकी खेप सबसे पहले पहुंचती है। ऐसे में क्षेत्र के आलू को मंडियों में अच्छे भाव मिल जाते हैं।
आलू के लिए ऊना का मौसम अनुकूल
ऊना क्षेत्र में आलू की फसल लगाने के लिए मौसम की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। क्षेत्र में बड़े स्तर पर आलू लगाया जाता है और इसकी सप्लाई पंजाब सहित कई अन्य पड़ोसी राज्यों को भी होती है। उम्मीद है कि इस बार भी यह फसल किसानों को मुनाफा देकर जाएगी। - कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।