मैहतपुर (ऊना)। डाकघर अब केवल पत्र, पार्सल, मनी ऑर्डर बांटने का माध्यम नहीं रहे बल्कि बदले हालात के चलते वित्तीय, बीमा लॉजिस्टिक तथा डिजिटल सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। आज 9 अक्तूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जा रहा है।
1969 में पहली बार विश्व डाक दिवस मनाया गया था। इतिहास के पृष्ठ बदलकर देखें तो 9 अक्तूबर 1874 को स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में 22 देशों ने एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का गठन हुआ था। आगे चलकर इसे डाक विभाग में परिवर्तित कर दिया गया।
हर वर्ष 9 से 15 अक्तूबर के बीच विश्व डाक सप्ताह मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह आयोजन देशभर में हो रहा है। इस सप्ताह के दौरान डाक विभाग में चल रही योजना की विस्तृत जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोग उन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
भारतीय डाक विभाग देश का सबसे व्यापक सेवा नेटवर्क है, जो दूरदराज तथा अति दुर्गम क्षेत्रों में भी डाक सेवा जन सेवा के माध्यम से लोगों तक अपनी पहुंच बना चुका है।
बदले समय के साथ-साथ डाक विभाग ने पारंपरिक डाक सेवाओं के अलावा स्पीड पोस्ट, पार्सल, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक, अंतरराष्ट्रीय डाक, ग्रामीण डाक जीवन बीमा, डाक जीवन बीमा, बचत बैंक, आधार कार्ड, पारपत्र संबंधी अनेक अन्य सेवाओं का व्यापक का विस्तार किया है।
ऊना डाक मंडल में विश्व डाक दिवस सप्ताह के दौरान आम नागरिकों को विभिन्न सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं, इनमें नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, संस्थाओं विभिन्न सरकारी एवं निजी संगठनों को डाक विभाग की उपलब्ध सेवाओं से अवगत करवाया जाएगा।
इस सप्ताह के दौरान फ्लैटली के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाएगा तथा इस दौरान स्कूलों, पंचायतों में आधार कैंपों का भी आयोजन करने की योजना बनाई गई है।