दुलैहड़ (ऊना)। हरोली तहसील के चंदपुर स्थित मैसर्स जय शंकर स्टोन क्रशर को वैध संचालन अनुमति के बिना चलाने और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संचालक को सात दिन में अनुमति के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड के अनुसार, क्रशर की संचालन अनुमति 11 मई 2026 को समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद इकाई चलती रही। क्षेत्रीय अधिकारी ने 20 जुलाई को भी नोटिस जारी कर नवीनीकरण के लिए आवेदन करने और वैध अनुमति के बिना संचालन बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन संचालक ने जवाब नहीं दिया। 23 सितंबर को हुए निरीक्षण में भी क्रशर बिना वैध अनुमति के चलता मिला।
निरीक्षण के दौरान मेटल वाली सड़क क्षतिग्रस्त और विंड ब्रेकिंग वॉल की ऊंचाई अपर्याप्त पाई गई। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं मिला। इसके आधार पर क्षेत्रीय अधिकारी ने कार्रवाई की सिफारिश की है।
नोटिस में जल अधिनियम, 1974 की धाराओं 25 और 26 तथा वायु अधिनियम, 1981 की धारा 21 के उल्लंघन का उल्लेख है। संशोधित प्रावधानों के तहत 10 हजार से 15 लाख रुपये तक जुर्माना और उल्लंघन जारी रहने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये का अतिरिक्त दंड लगाया जा सकता है। एनजीटी के मानकों के अनुसार पर्यावरणीय मुआवजा भी वसूला जा सकता है।
बोर्ड के संयुक्त सदस्य सचिव डॉ. गोपाल चंद गौतम की ओर से जारी इस नोटिस में जल अधिनियम की धारा 33-ए और वायु अधिनियम की धारा 31-ए के तहत क्रशर बंद करने या बिजली-पानी जैसी सेवाओं की आपूर्ति रोकने की कार्रवाई की संभावना भी जताई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण इंजीनियर प्रवीण कुमार ने बताया कि क्रशरों से संचालन में मानकों का ध्यान रखा जाए। किसी प्रकार की लापरवाही पर बोर्ड की ओर से कार्रवाई की जाएगी।