ऊना। जिला ऊना के नवनिर्वाचित 17 जिला परिषद सदस्यों को जिला परिषद भवन में उपायुक्त ऊना अभिषेक जैन ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ लेने वालों में वार्ड नंबर एक मुबारिकपुर से सुलोचना देवी, वार्ड 2 अंब से भूपेंद्र सिंह, वार्ड नंबर 3 टकारला से सोमा देवी, वार्ड 4 चौकी खास से राजकुमार, वार्ड 5 धुंधला से इंदू बाला, वार्ड 6 मोमन्यार से उर्मिला देवी, वार्ड 7 बसाल अप्पर से सोम दत्त, वार्ड 8 टब्बा से करुण, वार्ड 9 बहडाला से अनुराधा देवी, वार्ड 10 रायपुर सहौड़ा से पंकज कुमार, वार्ड 11 ललड़ी से अनूप सिंह, वार्ड 12 पालकवाह से लखवीर सिंह, वार्ड 13 हरोली से सुभद्रा देवी, वार्ड 14 पंडोगा से अंजू बाला, वार्ड 15 अंबोटा से रमेश चंद, वार्ड 16 संघनई से सुषमा रानी तथा वार्ड 17 भंजाल लोअर से रेणुका शामिल हैं।
उपायुक्त ने जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को शांतिप्रिय संपन्न करवाने के लिए चुनाव प्रक्रिया से जुडे़ तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जिले के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। बतौर नए जिला परिषद सदस्य चुन कर आने के लिए सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को मुबारकबाद देते हुए डीसी ने कहा कि हमारे देश में पंचायतीराज व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत व अहम कड़ी है।
उन्होंने सभी सदस्यों से भारत के संविधान व विधि के अनुसार बिना किसी भय व पक्षपात से अपनी नई जिम्मेदारी के निर्वहन का आह्वान किया ताकि वे लोगों के उत्थान व विकास में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकें। इससे पहले जिला परिषद के सीईओ एवं एडीएम ऊना राजेश कुमार मारिया ने उपायुक्त एवं सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों का स्वागत किया, जबकि जिला पंचायत अधिकारी रमन कुमार शर्मा ने शपथ ग्रहण समारोह की समस्त प्रक्रिया का संचालन किया। इस मौके पर नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के परिजनों सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।
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जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 20 को
जिला पंचायत अधिकारी एवं सदस्य सचिव जिला परिषद रमन कुमार शर्मा ने बताया कि उपायुक्त ऊना के निर्देशानुसार जिला परिषद के नए अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव करने के लिए 20 जनवरी, 2016 को जिला परिषद भवन ऊना में प्रात: 11 बजे बैठक निर्धारित की गई है।
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उम्मीदवार चुनाव खर्चा एक महीने के भीतर बताएं
जिला पंचायत अधिकारी एवं सदस्य सचिव जिला परिषद रमन कुमार शर्मा ने बताया कि जिला परिषद का चुनाव लड़ चुके सभी जीते व हारे हुए उम्मीदवार अपना चुनाव खर्चे संबंधी जानकारी निर्धारित प्रपत्र पर एक माह के भीतर जमा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज चुनाव नियमों के तहत ऐसा न करने पर जहां चुने हुए सदस्यों को अपने पद से अयोग्य घोषित किया जा सकता है तो वहीं चुनाव हार चुके उम्मीदवारों को भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।