थानाकलां (ऊना)। बंगाणा उपमंडल के अंतर्गत आने वाले कीटनाशक व घास नाशक दवाइयों के विक्रेताओं को हर ग्राहक का पूरा विवरण रखना अनिवार्य होगा। कृषि विभाग ने आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए यह अहम फैसला लिया है।
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. सतपाल धीमान ने बताया कि अब से जो भी दुकानदार कीटनाशक या घास नाशक बेचेंगे, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि दवा खरीदने वाले किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, खरीदी गई दवा का नाम और मात्रा इत्यादि का रिकॉर्ड अपने पास सुरक्षित रखें।
डॉ. धीमान ने कहा कि विभाग ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कई बार आत्महत्या की घटनाओं में देखा गया है कि पीड़ित ने दुकान से जहरीली दवा खरीद कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। ऐसे मामलों में यदि दुकानदारों के पास उचित पंजीकरण नहीं होता, तो जांच में भी दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि आदेश आज ही सभी लाइसेंसी दुकानदारों को भेज दिए गए हैं। दुकानदारों से अपेक्षा की गई है कि वे न सिर्फ आदेश का पालन करें, बल्कि जनहित में संवेदनशीलता भी दिखाएं।
कृषि विभाग के इस कदम की श्रवण कुमार, यशवीर सिंह, मुकेश कुमार, नरेश कुमार क्षेत्र ने सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे न सिर्फ आत्महत्या की घटनाओं में कमी आएगी बल्कि कीटनाशकों की जिम्मेदार बिक्री को भी बढ़ावा मिलेगा।