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Una News: हरोली, ऊना और बंगाणा में पानी के लिए बाल्टियां लेकर भटक रहे लोग

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कहीं वाटर सप्लाई की मोटरें खराब तो कहीं विद्युत ट्रांसफार्मर जले
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लोगों ने कहा- हम पीने के पानी को भी तरसे, होनी चाहिए वैकल्पिक व्यवस्था
कुटलैहड़ के टक्का और नारी में भी नहीं हो रही पेयजल आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले के हरोली, ऊना और बंगाणा क्षेत्र में बीते कुछ दिन से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था ठप पड़ गई है। लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा। वहीं, अन्य कार्यों के लिए लोग बाल्टियां लेकर इधर-उधर से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। पेयजल आपूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण जल शक्ति विभाग के नलकूपों की मोटरें खराब होना और विद्युत आपूर्ति बंद होना है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और विभाग से इस समस्या का स्थायी हल निकालने की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार ऊना शहर में जिला अस्पताल और ट्यूबवेल नंबर-1 की मोटर खराब होने के कारण इसके अधीन आने वाले क्षेत्रों में 19 जून को पेयजल सप्लाई बाधित रही। इस वजह से अस्पताल और आसपास क्षेत्र सहित ऊना शहर के वार्ड नंबर 5, 6 और 7, मुख्य बाजार में पेयजल सप्लाई बाधित रही। प्रभावित इलाकों के लिए आपूर्ति बहाल करने के लिए नई मोटर लगाने पर कार्य चला हुआ है। उधर, हरोली क्षेत्र के पंडोगा गांव में भी पेयजल आपूर्ति बुधवार सुबह से बाधित चल रही है। वीरवार को लोगों ने कुओं व ट्यूबवेल चलाकर गुजारे लायक पानी जुटाया। हालांकि, यह पानी पीने के लिए सुरक्षित नहीं होता लेकिन लोगों को मजबूरी में वही पानी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा कि जिस सरकारी नलकूप से पानी की सप्लाई आती है, उसकी मोटर और विद्युत आपूर्ति करने वाले ट्रांसफार्मर दोनों खराब हो गए। मोटर की मरम्मत कर दी गई, लेकिन ट्रांसफार्मर नया लगना है। इसके लिए वीरवार को भी कर्मचारी कार्य में जुटे रहे। बंगाणा क्षेत्र के गांवों में भी यही स्थिति है। नारी और टक्का गांव में बीते कई दिन से जरूरत के लायक भी पानी नहीं पहुंच रहा। लोगों को जरूरी कार्य निपटाने के लिए जद्दोजहद से पानी जुटाना पड़ रहा। आलम यह है कि टक्का में बने पानी के टैंक से ग्रामीणों ने साथ लगतेे गांवों को सप्लाई देने से इन्कार कर दिया है। इससे टक्का के साथ नारी गांव में भी पेयजल समस्या गहरा गई है।
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लोगों ने कहा- दूषित पानी से स्वास्थ्य बिगड़ रहा
स्थानीय लोगों बलराम कुमार, विनोद कुमार, मोनिका देवी, ऊषा रानी, अरविंद कुमार, जसपाल सिंह ने बताया कि अगर किन्हीं कारणों से एक नलकूप से पेयजल आपूर्ति बाधित होती है तो वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। एक नलकूप में खराबी आने पर दो से तीन दिन पेयजल सप्लाई नहीं होती। कहा कि बाहर का दूषित पानी इस्तेमाल करने से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
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कोट्स
जिले के कुछ इलाकों में तकनीकी कारणों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे सुचारु करने के लिए कार्य किया जा रहा है। जल्द लोगों के लिए 24 घंटे पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित किया जाएगा। जिन इलाकों में पेयजल को लेकर विवाद चल रहा, वहां भी विभाग कोई हल निकालने के लिए प्रयासरत है। लोगों ने आग्रह किया कि गर्मी बढ़ने पर घर के आसपास के खेतों में पेयजल सप्लाई से सिंचाई न करें। टंकियां भरने के लिए भी मोटर का इस्तेमाल अवैध है। इससे कई घरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा।
ई. नरेश धीमान, अधीक्षण अभियंता, जल शक्ति विभाग ऊना।
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