शहर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छ पेयजल न आने से लोगों में आईपीएच के प्रति भारी आक्रोश है। पिछले दो सप्ताह से शहर के वार्ड नंबर दो सहित अन्य वार्डों में मटमैले पानी की सप्लाई आ रही है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि आईपीएच की सुस्त कार्यप्रणाली की वजह से ऊना शहर पीलिया सहित अन्य भयंकर बीमारियों की चपेट में भी आ सकता है। वार्ड दो में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा है। लोग स्वच्छ पेयजल के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों अजय शर्मा, नानक चंद, राहुल धीमान, लता कुमारी तथा रमन कुमार ने बताया कि नलों में पिछले कई दिनों से मटमैला पानी आ रहा है। इससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
पानी इतना गंदा है कि पानी भरते ही बाल्टी की सतह पर भारी मिट्टी जम जाती है। कई बार विभाग को सूचित किया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पहले ही जहां प्रदेश में गंदा पानी पीने से पीलिया कई जिंदगियों को लील चुका है, वहीं अब ऊना शहर भी किसी भयंकर बीमारी की चपेट में आ सकता है। इसकी जिम्मेदारी आईपीएच विभाग की होगी। लोगों ने कहा कि समस्या का हल न निकाला गया तो विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उधर, आईपीएच विभाग के एक्सईएन मुकेश हीरां ने बताया कि शहर में स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने में विभाग जुटा हुआ है। उन्होंने बताया कि यदि किसी वार्ड में स्वच्छ पेयजल नहीं आ रहा है तो शीघ्र समस्या हल किया जाएगा। विभाग लोगों तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने में प्रयासरत है।