जोल (ऊना)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दी जाने वाली बुढ़ापा पेंशन को लेकर बंगाणा एवं जोल क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बुजुर्ग पेंशन में सरकार की ओर से कटौती की गई है। पेंशनर्स ने स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार से पेंशन राशि को पहले की तरह बहाल करने की मांग की है।
स्थानीय पेंशनरों में तिलक राज, अश्विनी, कर्म चंद व अन्य का कहना है कि इस बार की मासिक पेंशन में सरकार की ओर से 700 रुपये की कटौती की है।
उन्होंने बताया कि जहां पहले उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से 1700 रुपये मासिक पेंशन मिलती थी, वहीं इस माह केवल 1000 रुपये ही दिए गए हैं। अचानक की गई इस कटौती से पेंशनर्स में भारी रोष है। उन्होंने कहना कि महंगाई के इस दौर में पेंशन ही उनके जीवनयापन का मुख्य सहारा है।
वहीं कई बुजुर्गों ने इसे सरकार और विभाग की लापरवाही बताया है। उनके अनुसार इस बदलाव को लेकर पहले कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई।
प्रभावित पेंशनर्स ने प्रशासन से इस संबंध में जल्द स्पष्टीकरण देने और पेंशन राशि को पहले की तरह बहाल करने की मांग की है।
इस मामले में संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी बंगाणा विवेक कुमार का कहना है कि वे शिकायतों की जांच कर रहे हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यदि यह तकनीकी त्रुटि है तो शीघ्र सुधारा जाएगा।