नए भवन में फिटिंग का कार्य पहुंचा अंतिम चरण में
वर्तमान में गायनी ओपीडी का ही हो रहा है संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मातृ-शिशु अस्पताल के भवन में शिशु रोग ओपीडी शुरू करने के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। भवन में वर्तमान में गायनी ओपीडी का ही संचालन हो रहा है। भवन में फिटिंग का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। वहीं, सेंट्रल एसी और अग्निशमन से संबंधित फिटिंग का कार्य पूरा हो गया है। आगामी दो माह में भवन को पूरी तरह से तैयार करने लिए तेज गति से कार्य चल रहा है। इसके बाद शिशु रोग ओपीडी सहित अन्य सुविधाएं भी लोगों को नए भवन में मिलना शुरू हो जाएंगी।
जिला मुख्यालय में करीब 30 करोड़ रुपये से बनाए गए मातृ-शिशु अस्पताल में लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए कार्य चल रहा है। आगामी दो माह में अस्पताल भवन में सभी लंबित कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस भवन में गायनी व शिशु रोग ओपीडी के अलावा लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर, गायनी वार्ड, शिशु रोग से संबंधित वार्ड सहित अन्य सुविधाएं मिलनी हैं। ऐसे में प्रशासन की तरफ से भवन में सभी लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद से कार्य में तेजी आई है। मातृ-शिशु अस्पताल में महिलाओं के बाद अब शिशुओं की पर्ची बनाने के लिए अभिभावकों को पर्ची कटवाने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को क्षेत्रीय अस्पताल में चल रहे पर्ची काउंटर पर पर्ची लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में शिशु रोग ओपीडी क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही संचालित हो रही है। वर्तमान में मातृ-शिशु अस्पताल में गायनी से संबंधित मरीजों के लिए अलग से पर्ची काउंटर स्थापित किया गया है।
कोट्स
प्रशासन के निर्देशों के बाद मातृ-शिशु अस्पताल में लंबित कार्य तेज गति से चल रहा है। भवन में शिशु रोग ओपीडी भी जल्द शिफ्ट की जाएगी। लंबित कार्य के पूरा होते ही इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना