ऊना। 12वीं की परीक्षाएं देने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के मोबाइल फोन पर इन दिनों कोचिंग संस्थानों की कॉल्स की बाढ़ आ गई है। दिन-रात आ रहीं इन प्रमोशनल कॉल्स से लोग परेशान हैं। कॉल करने वालों के पास छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के निजी मोबाइल नंबर भी मौजूद हैं, जिससे डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कोचिंग सेंटर स्कॉलरशिप, स्पेशल बैच और सीमित सीट जैसे ऑफर देकर अभिभावकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि एक सदस्य कॉल को अनदेखा करता है तो दूसरे नंबर पर संपर्क किया जाता है और अंत में सीधे छात्रों को टारगेट किया जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन संस्थानों के पास यह निजी डाटा पहुंचा कैसे? क्या स्कूल स्तर से जानकारी साझा की जा रही है या किसी अन्य माध्यम से डाटा लीक हो रहा है यह अब जांच का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार बिना अनुमति किसी की निजी जानकारी का उपयोग करना कानूनन अपराध है। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत ऐसे मामलों में सख्त प्रावधान हैं। वहीं, ट्राई के नियमों के अनुसार बिना सहमति बार-बार प्रमोशनल कॉल करना स्पैम की श्रेणी में आता है, जिस पर कार्रवाई की जा सकती है।
लगातार कॉल्स से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बन रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अभिभावक रविंद्र कुमार, अशोक सैनी, विजय कुमार, मनुबाला, पूजा और कविता देवी ने बताया कि इससे बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बन रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
यदि किसी कोचिंग संस्थान द्वारा बच्चों को परेशान किया जा रहा है तो शिक्षा विभाग से संपर्क करें। उचित मार्गदर्शन के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार तक्खी, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग ऊना