ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अब रोजाना पंचकर्म की सुविधा मरीजों को मिलेगी। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन ने कार्य भी शुरू कर दिया है। इससे पूर्व अस्पताल में सप्ताह के तीन दिन ही पंचकर्म की सुविधा मरीजों को मिलती थी।
अब रोजाना 15 से 20 लोग पंचकर्म सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से आगामी समय में पंचकर्म केंद्र में अन्य सुविधाएं बढ़ाने को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में आयुष विभाग मरीजों को आयुर्वेद के माध्यम से निरोगी रखने के लिए प्रयास कर रहा है। विभाग की तरफ से जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना पंचकर्म की सुविधा को शुरू कर दिया गया है। इसे लेकर काफी समय से लोगों की तरफ से मांग भी उठाई जा रही थी, जिसे अब विभाग ने पूरा भी कर दिया।
बता दें कि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना जिले भर से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इन मरीजों को जरूरत के हिसाब से चिकित्सकों द्वारा पंचकर्म करवाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में अब मरीजों को पंचकर्म करवाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले अस्पताल में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पंचकर्म की सुविधा प्रदान की जाती थी, लेकिन अब रोजाना पंचकर्म होने से लोगों को आयुष विभाग ने एक बड़ी सौगात दी है। खास बात है यह आयुर्वेदिक अस्पताल में पंचकर्म करवाने के लिए 50 से 140 रुपये फीस ली जाती है। वहीं, निजी स्तर पर पंचकर्म के लिए 500 से 1500 रुपये तक वसूले जाते हैं।
पंचकर्म के लाभ
पंचकर्म पेट, फेफड़े, नसों और संवेदी प्रणाली से विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है। यह मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत करता है और सभी अंगों के हार्मोन स्राव में मदद करता है। यह भूख, नींद की गुणवत्ता, एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। पंचकर्म के जरिए स्पोंडिलोसिस, कटिस्नायुशूल, वैरिकाज वैन, पार्किंसन, माइग्रेन, लकवा आदि दर्दनाक रोगों का इलाज किया जाता है।
कोट्स
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना पंचकर्म की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। इन सुविधाओं में विस्तार करने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, ऊना