कृषि प्रसार अधिकारियों के 42 स्वीकृत पदों में से 32 खाली
रिक्तियों के चलते किसानों को नहीं मिल पा रहा विभाग की योजनाओं का समय पर लाभ
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। कृषि प्रधान जिला ऊना में हर वर्ष सैकड़ों क्विंटल सब्जियों और अनाज का उत्पादन होता है, लेकिन कृषि की व्यवस्था को बनाए रखने और इसमें नवीनता लाने के लिए स्थापित कृषि विभाग में कर्मचारियों का भारी टोटा है। कृषि विभाग ऊना में कुल 127 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 71 पद दो वर्षों से रिक्त चले आ रहे हैं, यानी आधे से भी अधिक पदों पर कोई तैनाती नहीं है।
जानकारी के अनुसार किसान के खेत तक पहुंचकर उसकी कृषि को उन्नत करने से जुड़ी जानकारी देने वाले कृषि प्रसार अधिकारियों के 42 पदों में से 32 पद रिक्त चल रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि नई तकनीकों के बारे में किसानों को अवगत करवाने वाला कोई नहीं। कृषि प्रसार अधिकारियों के पद रिक्त होने के चलते अधिकतर बीज वितरण केंद्र तक बंद पड़े हैं। हालत यह है कि मौजूदा समय में स्वीकृत विषय वार विशेषज्ञों के चार पदों में से एक पद रिक्त चल रहा है, तो कृषि विकास अधिकारियों के 14 स्वीकृत पदों में से चार खाली पड़े हैं।
क्षेत्र के कुछ किसानों बलराम, महेश कुमार, देसराज, शिव कुमार, राजकुमार, जगजीत सिंह, परम सिंह तथा जरनैल सिंह ने सरकार से इन पदों को भरने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।
प्रयोगशाला सहायक के दोनों पद खाली
सहायक इंजीनियर एवं कनिष्ठ अभियंताओं के दो स्वीकृत पदों पर भी किसी को अभी तक तैनाती नहीं मिली। सहायक कृषि विकास अधिकारियों के पांच स्वीकृत पदों में दो पद खाली हैं। वरिष्ठ सहायक के छह पदों में से पांच पद खाली और कनिष्ठ सहायक के 10 पदों में से चार पद लंबे अर्से से खाली हैंं। इसके अलावा स्टेनो का एक, चालकों के छह में से तीन, सफाई कर्मी के दोनों पद खाली हैं। वहीं, प्रयोगशाला सहायक के दोनों ही पद रिक्त पड़े हैं। अगर किसान ने अपनी मिट्टी का परीक्षण करवाना हो तो वह कहां करवाए। चपरासी के पांच में से तीन पद खाली हैं। वहीं, बेलदार के भी 18 में से सात पद खाली चल रहे हैं।
रिक्त पदों का मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। जैसे ही खाली पदों पर नियुक्तियां होंगी, उन्हें तुरंत प्रभाव से तैनात किया जाएगा।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग