शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को जारी किए दिशा-निर्देश
कहा- सालभर का रिकॉर्ड तैयार करने में न बरतें लापरवाही
कोताही पाए जाने पर जिम्मेदार स्कूल प्रबंधकों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील से जुड़े जरूरी रिकाॅर्ड को नियमित तैयार करने के आदेश दिए हैं। स्कूलों को हिदायत दी गई है कि मिड-डे मील से जुड़े अतिरिक्त गैर जरूरी रिकाॅर्ड न रखें। जरूरी दस्तावेजों को तैयार रखने में कोताही न बरती जाए। शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए आदेश में कहा गया है कि बच्चों की संख्या के अनुसार ही मिड-डे मील पर होने वाले खर्च को तैयार किया जाए। इसमें पांचवीं कक्षा तक 5.45 रुपये प्रति विद्यार्थी और छठी से आठवीं तक 8.17 रुपये प्रति विद्यार्थी बजट निर्धारित किया गया है। स्कूलों को हिदायत दी गई है कि इस बजट के मुताबिक ही खर्च को निर्धारित किया जाए। अलग-अलग वस्तुओं जैसे तेल, चावल, दाल का अलग-अलग बिल न बनाएं। स्कूलों को जारी होने वाला बजट मिड-डे मील के लिए लगाए रजिस्टर के तहत ही दिया जाएगा।
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मिड-डे मील का बजट स्कूलों के लिए बना सिरदर्द
जिले के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील का बजट तय समय पर नहीं आने से संस्थानों का सिरदर्द बढ़ गया है। हर साल स्कूलों को छह महीने तक भी बजट जारी होने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार स्कूल प्रबंधकों को अपने स्तर पर ही जरूरी वस्तुओं की खरीद करनी पड़ती है। उधार पर राशन की खरीद की जाती है।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि मिड-डे मील को लेकर स्कूलों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी संस्थान तय मानकों के तहत ही प्रक्रिया पूरा करें। इसमें किसी प्रकार की कोताही न करें ताकि समय रहते बजट जारी किया जा सके।