प्रधानाचार्य स्कूल कैडर सेवानिवृत्त और सेवारत संगठन ने कहा, अदालत में देंगे चुनौती
अदालत में प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ने पर भी सहमति बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की ओर से 2017 से 2023 तक सभी पदोन्नत प्रधानाचार्यों का नियमितीकरण बिना किसी वित्तीय लाभ के किए जाने पर कड़ा एतराज जताया। ऊना मुख्यालय के परिधि गृह में प्रधानाचार्य स्कूल कैडर सेवानिवृत्त एवं सेवारत संगठन ऊना इकाई की हंगामेदार बैठक में सरकार के निर्णय को इस वर्ग के प्रति अन्यायपूर्ण करार दिया। इसे अदालत में चुनौती देने का फैसला लिया। इसके विरुद्ध प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ने पर भी सहमति बनी। बैठक में इसके लिए एक तदर्थ समिति का भी गठन किया गया। इसके अध्यक्ष अजय शर्मा, महासचिव नरेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश परमार, प्रेस सचिव नरेश सैनी, कोषाध्यक्ष हरीश साहनी और एक्शन कमेटी के चेयरमैन संजीव शर्मा मनोनीत किए गए।
संगठन के प्रेस सचिव नरेश सैणी ने कहा कि प्रधानाचार्य स्कूल कैडर की चिरलंबित नियमित पदोन्नति को बगैर वित्तीय लाभ के किए जाने पर सभी सदस्यों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। संगठन ने ऊना मुख्यालय में बैठक कर सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया है। संघ सदस्यों ने हर जिला में एक एडहॉक कमेटी का गठन करने का आह्वान किया है, जो इस मामले को सरकार व न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाए जाने की रूपरेखा तैयार करेगी। हर जिला मुख्यालय पर सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर उन्हें इस अन्याय से अवगत करवाएगी। संघ सदस्यों ने कहा कि वर्ष 2017 से 2023 तक सभी पदोन्नत प्रधानाचार्यों का नियमितीकरण बगैर वित्तीय लाभ दिए किया जाना इस वर्ग के साथ अन्याय है। कई प्रधानाचार्य तो इस नियमितीकरण का इंतजार करते-करते दुनिया छोड़ चुके हैं।
बैठक के उपरांत संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उपशिक्षा निदेशक उच्चतर अनिल कुमार तक्खी से भी मिला और अपनी मांगों को लेकर उन्हें अवगत करवाया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अजय शर्मा, नरेश सैनी, नरेश शर्मा, हरीश साहनी, संजीव शर्मा, गुरदीप सैनी, दलबीर सिंह, राकेश कुमार, राम स्वरूस कालिया, पुरुषोत्तम दास शर्मा, सतीश परमार व अन्य सदस्य उपस्थित रहे।