भरवाईं (ऊना)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था लगातार देखने को मिल रही है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मंदिर के दानपात्र में 18.29 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। मंदिर न्यास चिंतपूर्णी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पहली जनवरी से 30 जून 2026 तक कुल 18,29,53,988 रुपये की राशि श्रद्धालुओं ने माता रानी के चरणों में अर्पित की। मंदिर के वित्त एवं लेखा अधिकारी राजेंद्र कटोच ने बताया कि मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसका प्रभाव दानपात्र की आय में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि दान राशि की गणना पूरी पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जाती है। आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में सबसे अधिक 3,51,16,301 रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। अप्रैल में चैत्र नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए चिंतपूर्णी पहुंचे थे, जिसके चलते दानपात्र की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं जनवरी माह में सबसे कम 2,40,50,688 रुपये का चढ़ावा दर्ज हुआ।
राजेंद्र कटोच ने बताया कि मंदिर में प्राप्त होने वाली दान राशि का उपयोग श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने, मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों तथा विभिन्न जनहित योजनाओं पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि मां चिंतपूर्णी के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था मंदिर की महत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाती है। छह महीनों में 18 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा यह साबित करता है कि मां चिंतपूर्णी का दरबार श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और यहां आने वाले भक्त पूरे विश्वास के साथ अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।
महीनेवार चढ़ावे का विवरण
• जनवरी – 2,40,50,688 रुपये
• फरवरी – 2,56,56,026 रुपये
• मार्च – 3,48,96,854 रुपये
• अप्रैल – 3,51,16,301 रुपये (सर्वाधिक)
• मई – 3,03,74,847 रुपये
• जून – 3,28,59,272 रुपये
कुल चढ़ावा (जनवरी से जून 2026): 18,29,53,988 रुपये