दौलतपुर चौक (ऊना)। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से 29 मार्च से शुरू होने वाले एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को लेकर क्षेत्र के लोगों ने खास रुचि नहीं दिखाई। स्थिति यह रही कि अभियान से पहले शुरू किए गए पंजीकरण में एक भी अभिभावक ने अपनी बेटी के टीकाकरण के लिए सहमति नहीं दी।
जानकारी के अनुसार दौलतपुर चौक क्षेत्र में आशा वर्करों ने सभी वार्डों में घर-घर जाकर महिलाओं और अभिभावकों को इस टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह टीका किशोरियों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाने में सहायक है और सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी अभिभावक ने अपनी बेटी के टीकाकरण के लिए सहमति नहीं दी, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्करों को निराशा हाथ लगी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। समय पर टीकाकरण करवाने से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सरकार की ओर से इस टीकाकरण अभियान को पूरी तरह सुरक्षित और लाभकारी बताया गया है। खंड चिकित्सा अधिकारी गगरेट पंकज पराशर ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों से दूर रहकर टीकाकरण के महत्व को समझें और किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आगे आकर सहयोग करें।