उपमंडल के एकमात्र बंगाणा कॉलेज में स्टाफ की कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। हालत यह है कि आधा शैक्षणिक सत्र बीत चुका है और कॉलेज में प्रवक्ताओं की नियुक्तियां ही नहीं हो पाई हैं। इसके चलते छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। छात्र बिना पढ़ाई घर लौटने को मजबूर हैं।
कई महीनों से प्रवक्ताओं की नियुक्तियां न होने से छात्र और अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। कॉलेज को आरंभ हुए नौ साल बीत चुके हैं। यहां छात्रों की संख्या 1200 है, लेकिन अभी तक इसमें 18 पद खाली पड़े हुए हैं। सात पद अहम प्रवक्ताओं इतिहास, राजनीतिक शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के खाली पड़े हुए हैं। इसके अलावा आठ पद अन्य रिक्त चल रहे हैं। अहम विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली होने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। छात्रों का आरोप है कि जो प्रवक्ता एक बार बदल जाता है, उस पोस्ट पर दोबारा नियुक्ति नहीं होती है।
कॉलेज में नियुक्तियां न हो पाने से छात्रों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर कॉलेज में खाली पद भरे नहीं जाते हैं तो वे नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। छात्रों में एबीवीपी अध्यक्ष अमन, अमित, ललित, अभय, रेणुका, विशाखा, प्रियंका, शिवानी, मंजू, अक्षय, आंचल, अंकिता, प्रमोद, अनुराधा, अशुदत्त, अतुल, आदित्य, पंकज आदि ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि कॉलेज में खाली पदों को शीघ्र भरा जाए अन्यथा वह धरना देने को बाध्य होंगे। प्रधानाचार्य रामपाल भारद्वाज का कहना है कि प्रवक्ताओं की कमी के बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है। शीघ्र रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।