फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रमिकों की जान को हर समय खतरा

Sun, 14 Feb 2016 11:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊना जिले के विभिन्न उद्योगों में कार्यरत श्रमिक अपनी जान हथेली पर रखकर परिवार पालने की खातिर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर जिस संजीदगी से काम होना चाहिए, उस दिशा में आज तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। यही वजह है कि अग्नि सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले पुख्ता प्रबंधों की अनदेखी कई बड़े उद्योगों में भी देखी जा सकती है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए उद्योग प्रबंधकों के पास न तो कोई पुख्ता बंदोबस्त हैं और न ही तुरंत आग पर काबू पाने के पर्याप्त प्रबंध।
विज्ञापन


 हैरत की बात यह है कि ऊना के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे छोटे-बड़े करीब 70 फीसदी उद्योगों के पास दमकल विभाग के अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र ही नहीं हैं। ऐसे में ये उद्योग जो फायर सेफ्टी के मानकों को ही पूरा नहीं करते, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई  भी अमल में नहीं लाई जा रही है। यह सब सूबे के उद्योगमंत्री के गृह जिला का हाल है। सूत्रों की मानें तो कई उद्योग ऐसे हैं जो फायर सुरक्षा के लिहाज से सदैव दमकल विभाग को ठेंगा दिखाते आ रहे हैं। महज तीस फीसदी उद्योगों को छोड़कर शेष 70 फीसदी उद्योग प्रबंधक इस बेहद संजीदा प्रमाण पत्र को दमकल विभाग से लेना जरूरी नहीं समझते। आग की की घटना होने पर जब तक दमकल विभाग की हांफती गाड़ियां मौके पर पहुंचती हैं, तब तक लाखों का सामान राख में तबदील हो चुका होता है।

 अतीत में झांकें तो कई उद्योगों में आग की घटनाओं से उद्योगों को भारी नुकसान हो चुका है। अभी तक यह गनीमत ही रही है कि इस तरह की घटनाओं से जिले में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ है। भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री गुरमेल सिंह ने कहा कि उद्योगों में अग्नि सुरक्षा को लेकर चौकसी बरती जानी चाहिए। सरकार इस दिशा में कठोर कदम उठाए।
विज्ञापन


सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी : धीमान
उद्योग महाप्रबंधक अंशुल धीमान ने कहा कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हर उद्योग के लिए जरूरी है। समय-समय पर उद्योग प्रबंधकों को इस बाबत हिदायतें भी जारी की जाती हैं।  

70 फीसदी उद्योग बिना फायर सर्टिफिकेट
दमकल विभाग के जिला फायर ऑफिसर सरवण कुमार की मानें तो 70 फीसदी उद्योग बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के चल रहे हैं। इससे उद्योगों में आग से सुरक्षा बंदोबस्त का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग प्रबंधक आग को लेकर किस कद्र लापरवाह हैं, यह इससे साबित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें