ऊना। जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक पिछले दो साल से अधिक समय से आयोजित नहीं हो पाई है। अक्तूबर 2024 में समिति की अंतिम बैठक हुई थी। इसके बाद अब तक एक भी बैठक नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन को बजट स्वीकृति, विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक मामलों के संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आरकेएस की बैठक उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होनी है लेकिन लंबे समय से बैठक नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव लंबित पड़े हैं। बता दें कि उपमुख्यमंत्री रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के अध्यक्ष हैं। रोगी कल्याण समिति अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
समिति की बैठक में अस्पताल की आय-व्यय, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, भवन के रखरखाव, छोटे-बड़े विकास कार्यों, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, मरम्मत, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर निर्णय लिए जाते हैं लेकिन बैठक नहीं होने से कई मामलों में अंतिम स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। अस्पताल प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आरकेएस फंड से किए जाने वाले कार्यों की है।
समिति की मंजूरी के बिना कई प्रस्तावों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। ऐसे में आवश्यक कार्यों में देरी हो रही है और अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने में कठिनाइयां बढ़ रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में रोजाना औसतन 500 से 600 लोगों की ओपीडी रहती है।