ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल प्रबंधन को कामयाबी नहीं मिली है। इसे लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा है। अभी तक मशीन स्थापित करने की योजना पर कोई कार्य नहीं हुआ है। आगामी कुछ माह में बरसात के मौसम में डेंगू सहित अन्य रोग फैलने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में प्लेटलेट चढ़ाने की कोई सुविधा जिला स्तर पर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है।
जिला के सबसे बड़े अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन की सुविधा नहीं है। इस मशीन के अभाव में मरीजों को गंभीर स्थिति में उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों में रेफर करना पड़ता है। जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ब्लड कंपोनेंट मशीन लगने से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा को अलग किया जाता है। वर्तमान में यह सुविधा उपलब्ध न होने के कारण डेंगू, दुर्घटना और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को तुरंत रेफर करना मजबूरी बन जाती है। प्रबंधन का कहना है कि मशीन की स्थापना के लिए पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन स्वीकृति नहीं मिल पाई। यदि यह मशीन स्थापित हो जाती है तो क्षेत्रीय अस्पताल में ही बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी और मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और जिले के हजारों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक इसे लेकर मंजूरी नहीं मिली है। विभाग के स्तर पर ही यह मंजूरी दी जाएगी।
-डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना