नंगल (ऊना)। चार वर्ष पहले रोजगार के लिए मस्कट गए लोअर पट्टी गांव के गुरप्रीत सिंह को वहां की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। यह जानकारी मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। बुजुर्ग मां सतवंत कौर और अन्य परिजन अब भारत सरकार से गुरप्रीत को कानूनी मदद दिलाने और सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।
गुरप्रीत के चचेरे भाई भूपेंद्र सिंह और मां सतवंत कौर ने बताया कि गुरप्रीत के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और वह परिवार का इकलौता बेटा है। वह मस्कट से सऊदी अरब के लिए ट्रक चलाता था। करीब दो वर्ष पहले उसे नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं मिली। परिजनों के अनुसार फांसी की सजा के बाद वहां की सरकार ने भारत सरकार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त रूपनगर के माध्यम से सूचना एसडीएम नंगल और तहसीलदार तक पहुंची। तहसीलदार सुमित ढिल्लों ने परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार ने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर गुरप्रीत को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने और उसे भारत वापस लाने के प्रयास करने की मांग की है।