मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति शम्मी जैन के पुत्र प्रत्यूष जैन और पुत्रवधु हर्षिता जैन को बुधवार को नम आंखों के बीच अंतिम विदाई दी गई। भबौर साहिब स्थित श्मशानघाट में दोनों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में हुआ।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार, उद्योग जगत से जुड़े लोग, मित्र और क्षेत्रवासी शामिल हुए। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही दुआ थी कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
इस हृदय विदारक हादसे ने न केवल जैन परिवार बल्कि पूरे मैहतपुर क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ माह पहले जिस आंगन में शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ है। इसी वर्ष मार्च माह में प्रत्यूृष जैन और हर्षिता जैन का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था।
परिवार ने नई बहू का स्वागत खुशियों और उम्मीदों के साथ किया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अंतिम संस्कार के दौरान शोक व्यक्त करने पहुंचे लोगों के लिए इस दर्द को शब्दों में बयां कर पाना आसान नहीं था। हर कोई स्तब्ध था कि जीवन की नई शुरुआत करने वाले इस नवविवाहित जोड़े का सफर इतनी जल्दी थम जाएगा।
उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत दंपती को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।