पंचायत प्रधान की अध्यक्षता में बनाई जाएगी नई कमेटी
जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे छह गोवंश का चल रहा नियमित उपचार
डॉ अमित ने दो ट्रॉली घास और हरे चारे का अपने स्तर पर किया प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के गांव कैंट में गोवंश की मौत का मामला उजागर होने के बाद बुधवार को भी दो फार्मासिस्ट जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहीं छह गोवंश को दवाइयां दे रहे हैं। पशु चिकित्सालय चौकी मन्यार के पशु चिकित्सा डॉ. अमित ने दो ट्रॉली घास और हरे चारे का अपने स्तर पर प्रबंध किया है। मशीन के साथ उसे काट कर पशुओं को डाला जा रहा है। डॉक्टर अमित का कहना है कि हर रोज गोशाला का दौरा कर रहे हैं। आवश्यकता अनुसार दवाइयां, इंजेक्शन आदि बीमार पशुओं को लगाए जा रहे हैं। ठंड से बचाने के लिए गोशाला में मोटी तिरपाल भी लगा दी गई है। पशुओं को पीने के पानी की बहुत दिक्कत है। इस संबंध में जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अंब से डॉ अमित ने बात की है तथा उन्होंने जल्द पानी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है। अभी भी छह गाय की हालत नाजुक बनी हुई है। इलाज चल रहा है। हरी घास को तूड़ी में मिलाकर खिलाया जा रहा है। डॉ. अमित ने बताया कि वर्तमान गोशाला संचालक गोपाल कृष्ण से बात हुई है। कहा कि नई कमेटी का निर्माण किया जाए और वे लोग अपनी इच्छा के अनुसार संचालन करें। जानकारी के अनुसार गांव धमांदरी की एक गाय कुछ दिन पहले गोशाला में छोड़ी थी। इसे गोशाला के प्रबंधक ने बेच दिया। जब गाय का मलिक नरेश कुमार वहां पहुंचा, तो वह गाय बीमार थी तो उसे वापस अपने घर ले गया है और उसका भी इलाज चल रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि जब से गोशाला बनी है, तभी से ही सुविधाओं का अभाव होने के कारण गाय मर रही हैं और संचालक वहां मजदूरों को साथ लेकर रात के समय पहाड़ी पर से नीचे फेंकते हैं। ग्राम पंचायत प्रधान चौकी खास संजय कुमार का कहना है कि लोगों से बातचीत करके शीघ्र ही नई कमेटी बनाने के लिए पहल की जाएगी। निर्माणाधीन एक कमरे के लिए ईंटों की पूर्ति के लिए स्थानीय भट्ठा मालिक बलराम बबलू से बात करके एक-दो दिन में 2000 ईंट वहां पहुंचा देंगे ताकि गोवंश को राहत प्रदान की जा सके।
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जलशक्ति विभाग अंब के अधिशासी अभियंता ई. होशियार सिंह ने बताया कि गोशाला में पानी की कमी के बारे में पता चला है। वहां पर मौका देखने के बाद पानी की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी।