जिला कल्याण भवन में बैठक की अध्यक्षता करते जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार और उपस्थिति अधि
ऊना। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए जिला ऊना में 'मिशन शक्ति' अभियान चल रहा है। 21 जून से शुरू हुए अभियान के तहत चार अक्तूबर तक 100 दिवसीय विशेष शिविर आयोजित होंगे। इसमें महिला और बाल विकास विभाग की ओर से जन भागीदारी के माध्यम से महिलाओं से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
अभियान को लेकर मंगलवार को जिला कल्याण भवन के कांफ्रेंस हॉल में मंगलवार को मिशन शक्ति योजना और डायरिया की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय बैठक हुई। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मिशन शक्ति योजना की 100 दिवसीय कार्य योजना पर बाल विकास परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के साथ विस्तापूर्वक चर्चा की। साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा की गई।
बैठक में सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा ने महिलाओं से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी दी। यह कानून पहली जुलाई से पूरे भारत में लागू हैं। घरेलू हिंसा एक्ट 2005 व यौन शोषण से लेकर मॉब लिंचिंग तक के लिए कानून होने के बाद कई धाराएं और सजा के प्रावधान में बदलाव की विस्तृत जानकारी दी। भारतीय नया संहिता 2023 में चेन स्नेचिंग के संबंधित में मिलने वाली सजा के बारे में बताया गया। नए आपराधिक कानूनों में एसिड हमलों पर मिलने वाले दंड संबंधित जानकारी दी। बैठक में सीडीपीओ सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
स्टॉप डायरिया अभियान शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा
जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्टॉप डायरिया अभियान एक जुलाई से 31 अगस्त तक चलाया जा रहा है। इसमें बच्चों में डायरिया की रोकथाम के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को साफ पानी, हाथ धोना, साफ खाना जैसे कार्यप्रणाली को अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगे। सीडीपीओ ऊना कुलदीप सिंह दयाल ने समस्त वृत्त पर्यवेक्षकों को लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।