ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त एवं आदर्श बनाने के लिए नियम बनाए गए हैं। इसमें ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रे वाटर प्रबंधन, जैव विखंडनीय कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विभिन्न घटकों के कार्यान्वयन को शामिल किया गया है।
जिले के सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त एवं आदर्श घोषित करने के उद्देश्य से पंचायतों में 13 जुलाई को ग्राम सभा की विशेष बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के दिशा-निर्देशों के तहत किसी गांव को खुले में शौच मुक्त एवं आदर्श गांव घोषित करने से पहले ग्राम सभा का प्रस्ताव अनिवार्य है। इसी के चलते जिला ऊना में भी विशेष ग्राम सभा की बैठक निर्धारित की गई हैं। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से इस ग्राम सभा की विशेष बैठक में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है, ताकि स्वच्छ भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके। संवाद