बड़ूही (ऊना)। बड़ूही क्षेत्र की जीवनदायिनी गारनी और जसवाल खड्डें इन दिनों अवैध खनन की गिरफ्त में हैं। क्षेत्र में रात के अंधेरे में खनन माफिया द्वारा बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों से बजरी और पत्थरों की अवैध खुदाई खुलेआम की जा रही है, जिससे न केवल प्राकृतिक तंत्र तहस-नहस हो रहा बल्कि जलस्तर भी नीचे गिर चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खनन के चलते क्षेत्र के कई ट्यूबवेल सूख चुके हैं और खड्डों के पारिस्थितिक संतुलन पर संकट मंडरा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस अवैध खनन का दायरा काफी व्यापक हो चुका है। इसके दुष्प्रभाव 15 से 20 पंचायतों तक पहुंच चुके हैं। यदि हालात पर शीघ्र नियंत्रण नहीं पाया गया तो निकट भविष्य में बड़ूही क्षेत्र को रेगिस्तान बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। हाल ही में टकारला गांव के जागरूक ग्रामीणों ने रात के समय अवैध खनन कर रहे एक ट्रैक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया। सूचना मिलने पर अंब थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने कई बार अवैध खनन कर रहे वाहनों को पकड़ा है लेकिन माफिया की गतिविधियों पर कोई स्थायी रोक नहीं लग पाई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग उठाई कि हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए खनन प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाए और अवैध खनन में लिप्त माफिया को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र सख्त कदम नहीं उठाए तो जन आंदोलन शुरू करेंगे।
थाना प्रभारी अंब अनिल उपाध्याय ने बताया कि पुलिस विभाग अवैध खनन के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्य कर रहा है। बीती रात भी एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। भविष्य में यदि कोई भी वाहन अवैध खनन करते पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
टकारला के उपप्रधान राजीव शर्मा ने कहा कि खनन माफिया बेलगाम हो चुका है। गारनी खड्ड के दोनों किनारों पर तटीकरण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे भारी बारिश की स्थिति में टकारला गांव को खतरा उत्पन्न हो सकता है। अब गांववासी स्वयं एकजुट होकर अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
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चूरूडू पंचायत के प्रधान विनय शर्मा ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि खनन माफिया दीमक की तरह खड्डों को खोखला कर रहा है। बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रालियों और टिपरों की आवाजाही खुलेआम हो रही है। यह सब प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
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ब्लॉक समिति अंब के उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर ने कहा कि पुलिस सिर्फ ट्रैक्टर-ट्रालियों का चालान कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेती है जबकि बड़े टिपर बिना किसी रोक-टोक के पंजाब से खनन सामग्री भरकर आते-जाते हैं। यह प्रशासन की विफलता का जीता जागता उदाहरण है।
टकारला निवासी निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि जसवाल खड्ड में गहराई तक की गई खुदाई से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो खड्डों का नामोनिशान मिट जाएगा और साथ ही मानव जीवन व पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा।