टकारला सोसायटी से हिम मिल्कफेड को रोजाना 1200 लीटर दूध की सप्लाई
कई गांवों के किसानों की आर्थिकी हुई मजबूत
सोसायटी के लगभग 80 सदस्य नियमित रूप से सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब के तहत पंचायत टकारला की दुग्ध उत्पादक सहकारी सोसायटी ने ग्रामीण विकास और पशुपालकों को आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है। यह सोसायटी प्रतिदिन लगभग 1200 लीटर दूध की आपूर्ति हिम मिल्कफेड को कर रही है। इससे न केवल टकारला, बल्कि आसपास के कई गांवों के किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है।
सोसायटी का दूध एकत्रित करने का कार्य सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं। अंब, पक्का परोह, धारगुज्जरा, चक, ठठल, पंजोआ जैसे आसपास के गांवों के किसान भी सोसायटी से जुड़कर दूध की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे समाज में सहयोग, सहभागिता और भाईचारे की भावना मजबूत हुई है। वर्तमान में सोसायटी के लगभग 80 सदस्य नियमित रूप से सक्रिय हैं। प्रतिदिन दूध का एक बड़ा हिस्सा हिम मिल्कफेड को भेजा जा रहा है। समिति के प्रधान दविंदर लट्ठ का कहना है सरकार की ओर से हाल ही में दूध के रेट में की गई बढ़ोतरी ने किसानों को नई ऊर्जा दी है। अब भैंस का दूध 55 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और गाय का दूध 45 से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इस बदलाव ने ग्रामीण पशुपालकों को राहत पहुंचाई है और उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। क्षेत्र के किसानों वनीत शर्मा, नरेंदर कुमार, अश्वनी, राकेश आदि ने इस सकारात्मक पहल के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वास्तव में उनकी पीड़ा को समझा और समय पर राहत दी है। किसानों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं उन्हें पशुपालन जैसे व्यवसाय से अधिक जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी बल मिलेगा।
स्थानीय किसान और ब्लॉक समिति सदस्य तरसेम चंद का कहना है कि टकारला दुग्ध उत्पादक सहकारी सोसायटी का यह प्रयास न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी सराहनीय है।