पढ़ लिखकर नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के लिए बनीं उदाहरण
सॉफ्ट टॉय मेकिंग और महिला सिलाई से संबंधित प्रशिक्षण लेकर बदली जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। जीवन में कुछ न कुछ रचनात्मक कार्य करके व्यस्त रहने की आदत बेरोजगारी जैसी सोच को पीछे छोड़ देती है। हमारे ग्रामीण समाज में ऐसी कई छुपी प्रतिभाएं हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, लग्न और पुरुषार्थ के बल पर न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि क्षेत्र की अनेक बेटियों और महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा दिखाई।
गगरेट क्षेत्र के घनारी गांव से संबंध रखने वाली आत्मनिर्भर महिला मनिंदर कौर ऐसी ही प्रेरणादायी शख्सियत हैं। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यताओं और कुशलता का उपयोग करके न सिर्फ खुद को स्थापित किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त किया।
मनिंदर कौर बताती हैं कि विवाह के बाद उन्होंने अपनी सीटीआई तथा एम्ब्रॉयडरी की शिक्षा को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का निर्णय लिया। वर्ष 2017 में बैंक संस्था के माध्यम से स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत सॉफ्ट टॉय मेकिंग और महिला सिलाई से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे बताती हैं कि पीएनबी आरसेटी की ओर से आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बतौर प्रशिक्षक वे हजारों महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। उनके द्वारा तैयार सामग्री जिला स्तरीय सरस फेयर, विभिन्न मेलों और बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेची गई है, जिससे उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षक के रूप में वे बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग से दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त बनाती रही हैं। मनिंदर कौर का कहना है कि वे अपने परिवार का अच्छे से पोषण करने के साथ-साथ दूसरों को भी स्वरोजगार अपनाने की राह दिखाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।