हजार से 1200 रुपये प्रति किलोग्राम हिसाब से बिक रहा मखाना
लोगों में बढ़ी जागरूकता, ठंड में सेहत पर दे रहे विशेष ध्यान
बदलते खानपान में मखाना बन रहा रोजमर्रा का हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
बडूही (ऊना)। बदलते खानपान के दौर में लोग तेजी से जंक फूड से दूरी बनाकर सेहतमंद विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी क्रम में मखाना अब केवल व्रत-उपवास तक सीमित नहीं रहकर रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। कम कैलोरी, कम वसा और भरपूर पोषक तत्वों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार मखाना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। इसके नियमित सेवन से शरीर की कमजोरी दूर होती है, पाचन तंत्र मजबूत रहता है और रक्तचाप व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहते हैं। मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और आवश्यक विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
अब लोग मखाने को केवल दूध या खीर तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि हल्का भूनकर नमक-मसालों के साथ हेल्दी स्नैक्स के रूप में भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी कारण बाजारों में इसकी मांग पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। देश में मखाने का सर्वाधिक उत्पादन बिहार में होता है। दरभंगा, मधुबनी, सहरसा और सुपौल जैसे जिले इसके लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत योगदान देता है। अन्य राज्यों में भी मखाने की खेती शुरू हो चुकी है। सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहन दिए जाने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञ की राय
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल कतना बताते हैं कि मखाना आज का आदर्श सुपरफूड है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं। मधुमेह रोगियों के लिए यह सुरक्षित आहार है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं, वजन नियंत्रित रहता है और तनाव भी कम होता है।
बाजार की प्रतिक्रिया
बडूही बाजार के दुकानदार संसार चंद बताते हैं कि पहले मखाना केवल व्रत-त्योहारों के समय बिकता था, लेकिन अब रोजाना ग्राहक इसे खरीद रहे हैं। वर्तमान में मखाना 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, इसके बावजूद मांग में कोई कमी नहीं आई है।
लोगों के अनुभव:
टकारला निवासी ओमलता कहती हैं कि डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने मखाना खाना शुरू किया, जिससे उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ। अब वे रोजाना इसका सेवन करती हैं।
धमांदरी निवासी 60 वर्षीय राज ठाकुर बताते हैं कि वे पिछले पांच वर्षों से रोजाना मखाने का पाउडर लेकर सोते समय एक चम्मच सेवन कर रहे हैं। इससे उन्हें घुटनों के दर्द में काफी राहत मिली है।