अंब (ऊना)। क्षेत्र के एक सरकारी बैंक में जमा फिक्स डिपॉजिट (एफडी) पर 33 लाख रुपये के लोन की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब खाताधारक व्यक्ति बैंक में एफडी की स्थिति जानने पहुंचा। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक सरकारी बैंक की अंब में स्थित शाखा के उपभोक्ता सुनील कुमार ने बैंक में छह अलग अलग धनराशि की एफडीआर करवाई थी। कुछ दिन पूर्व जब उसने बैंक में एफडीआर की जानकारी ली तो शाखा प्रबंधन अवगत कराया कि एफडीआर पर एक वर्ष पहले 33 लाख का ऑनलाइन ऋण उठाया गया है।
इस पर उपभोक्ता ने बताया कि एफडीआर की मूल प्रति, एटीएम कार्ड, रजिस्टर मोबाइल नंबर उनके पास था। उसने यह लोन नहीं लिया। बताया जा रहा है कि किसी ने 28 फरवरी 2021 से लेकर दो मार्च 2021 के मध्य तीन दिनों में एफडीआर पर ऋण लेकर राशि को निकाल लिया। लेकिन उपभोक्ता के मुताबिक बैंक की तरफ से इस संदर्भ में मोबाइल पर कोई संदेश तक नहीं आया। यहीं नहीं उठाए गए ऋण पर कोई किश्त अदा न होने के कारण एक वर्ष में दस लाख से अधिक का ब्याज पड़ गया।
शिकायतकर्ता सुनील ने बताया कि वह विदेश में नौकरी करता है और इन दिनों घर आया हुआ है। पिछले दिनों वह बैंक में एफडीआर चेक करने पहुंचा तो उसे इस धोखाधड़ी का पता चला। सुनील ने बताया कि वह ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करना नहीं जानता। ऐसे में ऑनलाइन तरीके से लोन कैसे ले सकता है। उधर, एसपी ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।