निजी स्कूल प्रबंधकों की मनमानी पर अभिभावक भड़क गए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को स्कूली बसों में ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। इसके विरोध में अभिभावकों ने ग्रामीण के साथ मिलकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार सुबह जैसे ही निजी स्कूल ऑपरेटर बसों में बच्चों को बैठाकर अपने गंतव्य की ओर निकलने लगे तो इसी दौरान अभिभावकों ने ग्रामीणों के साथ ओवरलोड बसों को मेन बाजार दुलैहड़ में रोक दिया। इस मौके पर पहुंचे स्कूल प्रबंधकों और लोगों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक भी हुई।
लंबे समय तक स्कूल प्रबंधकों और ग्रामीणों के बीच तू-तू मैं-मैं होती रही। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी के चलते स्कूल बसों में जानवरों की तरह बच्चे ढोए जा रहे हैं। निजी स्कूलों की मनमानी पर कार्रवाई करने में प्रशासन भी नाकाम दिखाई दे रहा है।
ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की सूचना मिलते ही कई स्कूल बसों के चालक अन्य रास्तों से बसों को लेकर रफूचक्कर हो गए। जबकि, अभिभावकों ने कस्बे में बसें रोककर खूब हंगामा किया। दुलैहड़ के उपप्रधान मनीष राणा ने प्रशासन से मांग है कि मनमर्जी पर उतारू और नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जल्द मुद्दे को लेकर डीसी से मिलेंगे। इस मौके पर पूर्व जिप सदस्य अमनदीप मोनी, सुरेंद्र काकू, संजीव कौशल, परमजीत सिंह आदि उपस्थिति रहे।