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Una News: 6वीं से 10वीं कक्षा तक पढ़ाएंगे प्रवक्ता, आदेश न मानने वालों की मांगी सूची

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शिक्षा विभाग ने कहा- आदेश भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत जारी किए
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प्रवक्ताओं ने आदेश को बताया नियमों के खिलाफ, कहा- करेंगे विरोध

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। शिक्षा विभाग की ओर से 11 सितंबर को जारी अधिसूचना के तहत अब प्रवक्ता (लेक्चरर स्कूल न्यू) कक्षा छठी से 10वीं तक भी अध्यापन कार्य करेंगे। विभाग का तर्क है कि इससे अध्यापकों की कमी पूरी होगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को हिदायत दी है कि यदि कोई प्रवक्ता इन आदेशों का विरोध करता है तो उसकी जानकारी नाम और स्कूल सहित विभाग को भेजी जाए। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था भर्ती एवं पदोन्नति (आर एंड पी) नियमों के तहत है। पूर्व में विभागीय आदेशों के अनुसार पहली से चौथी तक जेबीटी, पांचवीं से आठवीं तक टीजीटी और नौवीं से 12वीं तक प्रवक्ता अध्यापन का कार्य कर रहे थे। नए आदेशों में छठी से दसवीं तक भी प्रवक्ताओं को शामिल कर लिया गया है।
लेक्चरर संघ का विरोध
लेक्चरर संघ के जिलाध्यक्ष शिवपाल सैनी ने कहा कि कक्षा छठी से दसवीं तक प्रवक्ताओं की ओर से पढ़ाना तर्कसंगत नहीं है। एनसीटीई और एनईपी के अनुसार पहली से आठवीं तक पढ़ाने के लिए टीईटी पास होना जरूरी है, जबकि लेक्चरर के लिए यह शर्त नहीं है। इसलिए तकनीकी रूप से यह आदेश लागू ही नहीं होते।
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महासचिव ऊना संजीव कुमार का कहना है कि अध्यापकों की कमी या अवकाश की स्थिति में लेक्चरर पहले भी पढ़ाते रहे हैं, आगे भी पढ़ाएंगे। लेकिन सरकार यदि नियमों के विरुद्ध मजबूर करती है तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उपाध्यक्ष मनजीत सोनी ने कहा कि बिना टीईटी पास किए लेक्चरर छठी से दसवीं तक पढ़ाने के पात्र नहीं। अधिसूचनाएं बार-बार निकालना तर्कसंगत नहीं। बच्चों के हित में जरूरत पड़ने पर हमने पहले भी पढ़ाया है, लेकिन नियमों से हटकर कोई आदेश मान्य नहीं होगा।
कार्यालय सचिव यशपाल ने कहा कि यदि सरकार प्रवक्ताओं से ही छठी से दसवीं तक पढ़वाने पर अड़ी रही तो भविष्य में टीजीटी, ड्राइंग, पीटीआई जैसे पद समाप्त हो सकते हैं। यह आदेश आरएंडपी नियमों के अंतर्गत भी नहीं आते।
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विभाग का पक्ष
कुछ प्रधानाचार्यों का कहना है कि सरकार से जो भी आदेश आएंगे, उन्हें लागू करना उनका कर्तव्य है।
वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक ऊना अनिल कुमार का कहना है कि जब तक नए आदेश नहीं आते, 11 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार ही लेक्चररों को कक्षाएं आवंटित की जाएंगी।
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