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Una News: लठियाणी घाट अव्यवस्थाओं का हो रहा शिकार

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बोले, न नाव चालकों के पास लाइसेंस और न ही बीमा
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स्पष्ट समयसारिणी न होने से पर्यटकों और नाव चालकों को पेश आ रहीं परेशानियां
बीडीसी सदस्य जोगेंद्र देव आर्य ने प्रशासन से मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बुधान (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के लठियाणी घाट पर बढ़ती अव्यवस्थाओं को लेकर बीडीसी सदस्य एवं भाजपा नेता जोगेंद्र देव आर्य ने प्रशासन और टूरिज्म विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन प्रशासन की अनदेखी से यहां आने वाले पर्यटकों और नाव चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जोगेंद्र देव आर्य ने कहा कि लठियाणी घाट पर नाव सेवाओं की कोई स्पष्ट समयसारिणी नहीं है। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बार-बार मांग के बावजूद यहां सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को असमंजस की स्थिति झेलनी पड़ती है। यही नहीं नाव चालकों के पास न तो लाइसेंस है और न किस्म का बीमा। अधिकांश नाव चालक बिना किसी प्रशिक्षण के नाव चला रहे हैं, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। यदि किसी दुर्घटना में यात्री घायल होता है या नाव डूबती है तो कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता। बीडीसी सदस्य ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंदरोली में वाटर स्पोर्ट्स के लिए मोटर बोट सेवाएं सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ चलाई जा रही हैं जबकि लठियाणी घाट पर स्थानीय नाव चालकों को सरकारी सहायता से वंचित रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अंदरोली में बोट संचालन के लिए बोट पर ठेकेदार का नाम, पूरा पता, फोन नंबर और लाइसेंस, इंश्योरेंस, वर्दी और अन्य सुविधाएं दी जा सकती हैं तो लठियानी घाट के नाव चालकों को क्यों नहीं।
पर्यटकों की सुरक्षा पर टूरिज्म विभाग रखे ध्यान, नहीं तो होगा आंदोलन

जोगेंद्र देव आर्य ने टूरिज्म और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द लठियाणी घाट पर समयसारिणी बोर्ड नहीं लगाया गया और नाव चालकों के लाइसेंस व बीमा की अनिवार्यता लागू नहीं की गई, तो वह इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे।
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बीडीसी ने मांग की है कि स्थानीय नाव चालकों को सरकारी सहायता मिले। नाव चालकों के लिए सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाए। लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए। नावों की नियमित जांच हो।
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