नेस्ले इंडिया और इंप्रेशन सर्विस दोनों वादी को देंगे एक-एक लाख
हरप्रीत कौर को स्थायी रूप से नौकरी पर बहाल कर सभी लंबित वित्तीय लाभ देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। भारतीय मजदूर संघ जिला ऊना के सचिव हरि कृष्ण सैनी ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि श्रम न्यायालय धर्मशाला ने दो अलग-अलग श्रमिक विवादों में श्रमिकों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय दिए हैं। हरि कृष्ण सैनी ने बताया कि पहला मामला शुभम कुमार पुत्र सुभाष चंद निवासी संतोषगढ़ का था, जिनका विवाद सनातन धर्म सीनियर सेकेंडरी स्कूल, संतोषगढ़ के प्रबंधन के साथ चल रहा था।
तीन वर्षों तक श्रम न्यायालय में चली सुनवाई के बाद माननीय न्यायाधीश ने 16 नवंबर 2024 को शुभम कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्कूल प्रबंधन को एक लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए थे। ज्ञात रहे कि शुभम कुमार ने नौकरी दोबारा लेने से इनकार कर दिया था।
हरि कृष्ण सैनी ने कहा कि दूसरा मामला हरप्रीत कौर पत्नी हरप्रीत सिंह निवासी संतोषगढ़ का रहा, जो नेस्ले इंडिया लिमिटेड टाहलीवाल में इंप्रेशन सर्विस एजेंसी के माध्यम से रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थीं। बिना कारण व सूचना के नौकरी से हटाए जाने के बाद विवाद श्रम न्यायालय पहुंचा। करीब चार वर्षों की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने नेस्ले इंडिया और इंप्रेशन सर्विस दोनों को वादी को एक-एक लाख देने और हरप्रीत कौर को स्थायी रूप से नौकरी पर बहाल कर सभी लंबित वित्तीय लाभ देने के आदेश दिए।
दोनों मामलों की पैरवी भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि राकेश शर्मा और कानूनी सलाहकार नंदलाल कोंडल एवं विजय कुमार कौंडल ने की। हरि कृष्ण ने न्यायालय के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ सदैव मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहेगा।