वायरिंग में देरी होने के कारण नहीं हो पा रही स्थापित
लैब में निशुल्क किए जाएंगे मरीजों के कई प्रकार के टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। मातृ-शिशु अस्पताल में चल रहे फिटिंग कार्य में देरी होने के कारण क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में स्थापित होने वाली जिला पब्लिक हेल्थ लैब स्थापित करने का कार्य भी लटक गया है। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन भवन के अधूरे कार्य के जल्द खत्म होने का इंतजार कर रहा है। इसके बाद जिला पब्लिक हेल्थ लैब निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्थापित की जाने वाले जिला पब्लिक हेल्थ लैब की प्रक्रिया अटक गई है। क्षेत्रीय अस्पताल के भवन से गायनी ओपीडी को ही अभी मातृ-शिशु अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा तीन शिशु रोग ओपीडी, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग वार्ड सहित ऑपरेशन थियेटर का संचालन अभी भी क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही किया जा रहा है। इन सभी वार्डों को मातृ-शिशु अस्पताल के नए भवन में शिफ्ट किया जाना है लेकिन मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली संबंधित फिटिंग और सीलिंग का कार्य पूरा न होने के चलते क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में जगह खाली नहीं हो पा रही है। इस जगह ही जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित किया जाना है। सूत्रों के अनुसार अभी मातृ-शिशु अस्पताल का कार्य पूरा होने में चार से पांच माह का समय लग सकता है। ऐसे में जिला पब्लिक हेल्थ लैब को स्थापित करने की मंजूरी मिलने के बाद भी आगामी कार्यवाही को अभी कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। जिले में पब्लिक हेल्थ लैब बनने से मरीजों को विभिन्न प्रकार के टेस्ट की सुविधा निशुल्क दी जाएगी। इसके अलावा लैब का संचालन 24 घंटे रहेगा। वर्तमान में अस्पताल में चल रही सरकारी लैब में दोपहर एक बजे तक ही टेस्ट की सुविधा मिल पाती है। ऐसे में जिलावासियों को जिला पब्लिक हेल्थ लैब का काफी लाभ मिलेगा।
वर्तमान में मातृ-शिशु अस्पताल में बिजली फिटिंग सहित अन्य कार्य शेष बचे हैं। इसके बाद ही जिला पब्लिक हेल्थ को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना।