कविता द्वारा क्रोशिए से बनाए गए विभिन्न उत्पाद। संवाद
नारी (ऊना)। धागों और क्रोशिया की मदद से जयमालाएं सहित अन्य आकर्षक उत्पाद तैयार कर कविता ने न केवल अपनी कला को पहचान दिलाई है बल्कि इसे आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल भी पेश की है। इतना ही नहीं कविता ने अन्य दस महिलाओं को भी क्रोशिया कला सिखाई है ताकि वे भी अपनी आजीविका कमा सकें और इस कला को बढ़ावा मिल सके।
ऊना की कविता सूती और ऊनी धागों का प्रयोग कर क्रोशिया की मदद से शादी समारोह में प्रयोग होने वाली सुंदर जयमालाओं सहित भेंट करने के लिए बुके, सजावटी सामग्री, बच्चों के खिलौने जैसे डॉल आदि आकर्षक उत्पाद तैयार करती हैं। उनके द्वारा तैयार इन उत्पादों को स्थानीय स्तर से लेकर ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश सहित बाहरी शहरों के लोग खरीदना पसंद कर रहे हैं। इन उत्पादों की बिक्री कर कविता प्रत्येक माह लगभग 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही है। हाल ही में वह शिमला में महिलाओं को प्रशिक्षण देने पहुंची थीं और वहां उन्होंने एचएएस अधिकारी ओशिन शर्मा को भी क्रोशिया द्वारा बनाई गई एक आइटम भी भेंट की है। कविता का कहना है कि क्रोशिया द्वारा बनाए गए उत्पादों की मांग बाहरी शहरों से काफी आ रही है। भविष्य में यदि अच्छी सेल होती रही तो इस कार्य को बड़े स्तर पर करूंगी और अन्य महिलाओं को भी साथ जोड़कर रोजगार दिया जाएगा।