गगरेट: ग्राम पंचायत बड़ोह की शिकायत के बाद गोयल फूड वर्ल्ड का संयुक्त निरीक्षण करती प्रशासन एवं
गगरेट (ऊना)। ग्राम पंचायत बड़ोह द्वारा जिलाधीश ऊना के समक्ष स्लॉटर हाउस से संबंधित पर्यावरणीय समस्याओं को लेकर की गई शिकायत के बाद प्रशासन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने उद्योग परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर उद्योग की कार्यप्रणाली और पर्यावरणीय व्यवस्था का जायजा लिया तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी ओर से बताई गई समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उद्योग परिसर से निकलने वाले पानी के नमूने भी मौके पर लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। अब जांच रिपोर्ट से पानी की गुणवत्ता और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान उद्योग प्रबंधन को अगले छह माह के भीतर पूर्णतः स्वचालित रेंडरिंग मशीन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आधुनिक तकनीक आधारित इस व्यवस्था से उद्योग में अपशिष्ट प्रबंधन को और व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। विभागीय निर्देशों के बाद अब उद्योग प्रबंधन को निर्धारित अवधि के भीतर मशीन स्थापित करनी होगी।
पंचायत की ओर से लंबे समय से उद्योग से संबंधित पर्यावरणीय मुद्दे प्रशासन के समक्ष उठाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधीश ऊना को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाई हुई। स्थानीय लोगों से मौके पर सीधे बातचीत किए जाने से उनकी ओर से बताई गई परिस्थितियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है। मौके से लिए गए पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट अब इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि उद्योग परिसर से निकलने वाला पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित विभाग आवश्यकतानुसार आगामी कदम तय करेंगे।
वहीं, गोयल फूड वर्ल्ड के निदेशक आकाश रायजादा ने कहा कि उद्योग सभी निर्धारित वैधानिक एवं पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाता है।
एसडीएम गगरेट ने बताया कि टीम ने उद्योग का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि मौके से पानी के नमूने लिए गए हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उद्योग प्रबंधन को छह माह के भीतर रेंडरिंग मशीन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।