एचआरटीसी वर्कशॉप रामपुर मे खड़ी जेएनएनयूआरएम की 12 मीटर लंबी बसें
- फोटो : नवाबगंज में आंधी-पानी में गिरा पेड़।
ऊना। जेएनएनयूआरएम योजना के तहत मिली 12 मीटर लंबी बसें अब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ऊना डिपो के लिए सिरदर्द बन गई हैं। ग्रामीण रूटों पर संचालन में असमर्थ इन बसों में से करीब 17 बसें एचआरटीसी वर्कशॉप रामपुर में लंबे समय से धूल फांक रही हैं। अंतरराज्यीय रूटों पर जेएनएनयूआरएम की बसों पर रोक के बाद से ये बसें वर्कशाॅप में बीते करीब 10 दिनों खड़ी हैं।
जानकारी के अनुसार इन बसों को शहरी और चौड़ी सड़कों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था लेकिन ऊना जिले के अधिकतर ग्रामीण रूट संकरे और घुमावदार हैं। इसी कारण निगम ने इन बसों को ऊना से नालागढ़, बद्दी, परवाणु और कांगड़ा से कालका के रूटों पर चलाया था लेकिन अंतरराज्यीय रूटों पर इन बसों को चलाने पर लगी रोक के बाद निगम ने इन्हें वर्कशॉप में खड़ा कर दिया।
निगम अधिकारियों का कहना है कि जेएनएनयूआरएम की 12 मीटर लंबी बसों को इन मार्गों पर चलाना मुश्किल हो रहा है। कई स्थानों पर बसों को मोड़ने में दिक्कतें आईं, वहीं खराब सड़कों के कारण तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं। मजबूरन निगम को इन बसों का संचालन बंद करना पड़ा। लंबे समय से निष्क्रिय रहने के कारण इन बसों की स्थिति भी प्रभावित हो रही है, जिससे निगम को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि एचआरटीसी 12 मीटर लंबाई वाली जेएनएनयूआरएम की बसों का क्या करेगा। क्या इन्हें फिर से किसी बड़े रूट पर चलाया जाएगा या ये बसें इसी तरह वर्कशॉप में खड़ी-खड़ी जर्जर होती रहेंगी।
समस्या को समाधान किया जाएगा। फिलहाल शहर और आसपास के क्षेत्रों में बसों को चलाने का प्रयास करेंगे या कोई और विकल्प तलाशा जाएगा। .
-अजय वर्मा, उपाध्यक्ष, एचआरटीसी