ऊना। राज्य विजिलेंस एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए लोक निर्माण विभाग (विद्युत विंग) के कनिष्ठ अभियंता (जेई) को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी पर एक ठेकेदार से बिल पास कराने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार एक ठेकेदार ने विजिलेंस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि संबंधित जेई 1.50 लाख रुपये का बिल पास करने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। आरोपी ने पहली किस्त के रूप में आठ हजार रुपये देने को कहा था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे डीएसपी फिरोज खान के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने विभागीय कार्यालय में जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ठेकेदार आठ हजार रुपये लेकर कार्यालय पहुंचा। जैसे ही जेई ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डेढ़ साल में विजिलेंस की छह बड़ी ट्रैप कार्रवाई
विजिलेंस थाना ऊना ने पिछले करीब डेढ़ वर्ष के दौरान रिश्वतखोरी के मामलों में छह ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। इन मामलों में आरओ अंब, सीजीएसटी के दो अधिकारियों, जिला श्रम अधिकारी, नगर परिषद मैहतपुर के कनिष्ठ अभियंता तथा अब लोक निर्माण विभाग (विद्युत विंग) के कनिष्ठ अभियंता को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। इन सभी मामलों में कार्रवाई डीएसपी फिरोज खान के नेतृत्व में की गई।