शहादत के 30 साल बाद मिलेगा सम्मान, 1995 में आतंकी हमले में बलिदान हुए थे बडसाला से ओम प्रकाश
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा के बडसाला गांव के केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जवान ओम प्रकाश को बलिदान के 30 साल बाद राजकीय सम्मान मिलने जा रहा है। गांव के स्कूल राजकीय प्राथमिक पाठशाला बडसाला में उनका स्मृति स्मारक बनाया जाएगा। इस स्मारक को तैयार करने के लिए करीब 3.27 लाख रुपये की राशि खर्च करने का आकलन किया गया है।
जानकारी के अनुसार बडलासा गांव के रामदास व उनकी पत्नी अमरो देवी देवी के घर वर्ष 1969 में जन्मे ओम प्रकाश ने 23 नवंबर 1988 को सीआईएसएफ में सेवाएं हासिल कीं। इसके बाद उन्होंने सात साल तक कई मोर्चों पर अपनी बहादुरी का परिचय दिया। दो दिसंबर 1995 को वेतन लाने के लिए वह अपने 23 साथियों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर नागालैंड के ओखा स्थान के लिए निकले। जब उनका दस्ता वेतन लेकर ओखा से करीब आठ किलोमीटर दूर पहुंचा तो वहां उग्रवादियों ने घात लगाकर उनपर हमला कर दिया।
इस दौरान जवानों ने डटकर आतंकियों का मुकाबला किया। ओम प्रकाश सहित आठ जवानों से कर्तव्य का निर्वहन करने दिए देशसेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। बताया जा रहा कि करीब दो साल पहले सीआईएसएफ के कुछ अधिकारी व जवान बडसाला गांव में जवान के परिवार से मिलने और सम्मान देने पहुंचे। इस दौरान पूर्व प्रधान सुरेश बांका व अन्य ग्रामीणों से उनके समक्ष मांग उठाई कि उनके गांव के शहीद जवान की याद में कोई स्मारक बनाया जाना चाहिए। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सीआईएसएफ की ओर से इस पर बडसाला प्राथमिक स्कूल में शहीद जवान का स्मारक बनाने की औपचारिकताएं पूरी की गई। इसके बाद जिला प्रशासन को इससे जुड़ा पत्र जारी किया गया। जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से स्मारक तैयार करने के आदेश दिए। अब स्मारक का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि बडसाला गांव में शहीद जवान ओम प्रकाश का स्मारक तैयार करने की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द रेडक्रॉस से आवश्यक राशि को जारी कर पीडब्ल्यूडी के माध्यम से निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।