कहा- आपदा में कांग्रेस ने चहेतों को लाभ पहुंचाया, अब लोगों का भरोसा उठा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश में हाल ही में चौड़े किए गए राष्ट्रीय राजमार्गों को बरसात के दौरान हुए नुकसान में अगर निर्माण कार्य करने वाली ठेकेदार कंपनियों की लापरवाही पाई जाती है तो उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह बात भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने ऊना में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि नए बने राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहाड़ियां दरकना गंभीर चिंता का विषय है। यदि यह लापरवाही या अनदेखी का परिणाम है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान राहत राशि बांटने में भारी पक्षपात हुआ। नादौन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाया गया। जबकि प्रदेशवासियों और कारोबारियों ने आपदा राहत कोष में अरबों रुपये जमा करवाए थे, जिन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाने के बजाय चहेतों में बांटा गया। इसी कारण 2025 की आपदा में लोगों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने के बजाय सीधे पीड़ितों की मदद करना उचित समझा।कांग्रेस सरकार सत्तासीन होने के बाद लगातार खजाना खाली होने का रोना रो रही है। जबकि केंद्र सरकार ने हिमाचल को पर्याप्त वित्तीय सहायता दी है। विधानसभा में राजस्व मंत्री ने स्वयं बताया कि प्रदेश को केंद्र से अब तक 3500 करोड़ रुपये मिले और हाल ही में 1500 करोड़ रुपये और जारी हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व का केंद्र पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। कांग्रेस की 10 गारंटियां केवल हवा-हवाई साबित हुई हैं। प्रदेश की पिछली 14 सरकारों ने मिलकर जहां 65 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, वहीं सुक्खू सरकार ने मात्र पौने तीन साल में 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर नया रिकॉर्ड बना दिया है।