हरोली (ऊना)। हर बूंद का सदुपयोग और हर खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के संकल्प के साथ हरोली ब्लॉक के पालकवाह में शनिवार को समृद्धि की पाठशाला कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट (एम-सीएडीडब्ल्यूएम) योजना के तहत जल प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई प्रणाली और किसानों की भागीदारी को लेकर व्यापक मंथन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने की जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त आयुक्त डॉ. एम्बिली जीके विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ सोशल एक्सपर्ट हेमलता, एनीटो फ्रांसिन शोभित तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जल संरक्षण और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 97.05 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना हरोली के कृषि परिदृश्य में बदलाव लाएगी।
उन्होंने किसानों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने और हरोली को देश के लिए जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि हरोली ब्लॉक के टाहलीवाल, हरोली और खड्ड क्लस्टरों के कुल 4,889 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र को इस योजना के तहत सुनिश्चित सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 6,240 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। 62 राजस्व गांवों को कवर करने वाली इस परियोजना को प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
इसके तहत कुल 131 सिंचाई योजनाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिनमें 26 नई तथा 105 मौजूदा योजनाओं का विकास एवं जीर्णोद्धार शामिल है। योजना के अंतर्गत लगभग 335 किलोमीटर लंबा दाबयुक्त पाइप वितरण तंत्र, भंडारण संरचनाएं, एससीएडीए और आईओटी आधारित निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली तथा ऊर्जा दक्ष एवं सौर ऊर्जा आधारित पंपिंग व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
खुले सत्र में किसानों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। किसानों ने एक स्वर में कहा कि अग्निहोत्री के प्रयासों से हरोली क्षेत्र में सिंचाई के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है और नई योजना से कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।