शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मांगी क्लब बनाने से जुड़े बजट की डिमांड, 25000 तक मांग सकते हैं बजट
बारिश के पानी का संरक्षण करने को किया जा रहा जागरूक
स्कूलों के परिसर को सुंदर बनाने और कचरा प्रबंधन सहित चलाई जाएंगी कई गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के स्कूलों में पर्यावरण सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए ईको क्लब को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा निदेशालय से स्कूलों को अपनी रणनीति और उसके लिए आवश्यक बजट की डिमांड भेजने के लिए कहा गया है। विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के जरिए पर्यावरण के हित कर होने वाले क्रियाकलापों को समझाया जाएगा। निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए ईको क्लब से जुड़े बजट की मांग 25000 रुपये तक हो सकती है। हालांकि यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह राशि कहां किस गतिविधि में खर्च होगी।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में पहले से बने ईको क्लब में बारिश के पानी का संरक्षण करने के विभिन्न तरीके विद्यार्थियों को मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बताए जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में हर्बल गार्डन भी निर्मित होंगे, जहां जड़ी बूटियां और अन्य लाभदायक पौधे लगाए जा सकेंगे। इसके अलावा आसपास फैल रहे कचरे की रोकथाम के बारे भी बच्चों को जागरूक किया जाएगा। वहीं, स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण बचाव के बारे में जागरूक करते मॉडल तैयार करना भी ईको क्लब के कार्यक्रमों में शामिल रहेंगे। यही नहीं, निदेशालय ने स्कूलों से अपने सुझाव भी मांगे हैं। बेहतरीन सुझावों को भविष्य में लागू भी किया जाएगा।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा देवेंद्र चंदेल ने कहा कि पर्यावरण बचाना वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अगर छोटी उम्र में पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया जाएगा, तो निश्चित तौर पर बेहतर भविष्य का निर्माण हो पाएगा। उन्होंने कहा कि इस मकसद में ईको क्लब बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। सभी स्कूल इस वर्ष के अपने अनुमानित बजट की मांग कर सकते हैं।