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Una News: जिले में खड्डों के मुहाने उद्योग, खड्डों में अवैध खनन बढ़ा रहा बाढ़ का कहर

Fri, 13 Sep 2024 01:34 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। जिले में बरसात के बीच खड्डों और नालों का तेज बहाव मानव जीवन पर भारी पड़ता हुआ दिखा। खड्डों के आसपास अवैध खनन, खोदाई और निर्माण से पानी के बदलते रुख का डर लोगों को सता रहा है।
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इस दिशा में समय पर न तो कोई व्यापक जांच की गई है और न ही वर्षों पूर्व खड्डों किनारे उद्योग से लेकर रिहायशी भवन निर्मित करने की अनुमति सहित प्रबंधों को विकसित करने बारे कभी सोचा गया। इसके परिणामस्वरूप औद्योगिक क्षेत्र बाथू बाथड़ी में बड़ा उदाहरण देखने को मिला। यहां 11 अगस्त की बारिश में खड्ड के मुहाने बनाए गए उद्योग बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे उद्योगों के कर्मचारी भी घंटों तक बाढ़ से उद्योगों में हुए जलभराव में फंस गए। मशीनों पर चढ़कर कामगारों ने अपनी जान बचाई। निसंदेह जब उद्योग लगाने की अनुमति मिली होगी तो इन्हें स्थापित करने से पूर्व एनओसी आदि औपचारिकताएं पूरी की गई होंगी, लेकिन यहां सवाल यह है कि खड्ड के चेनेलाइजेशन से लेकर बाढ़ जैसे हालातों पर रोकथाम के लिए वर्षों बीत जाने के बाद भी योजना तैयार नहीं हो पाई। देखा देखी में कई उद्योग यहां खड्ड के इर्दगिर्द लगते गए। स्कूल, संस्थान का ढांचा विकसित कर दिया गया। स्थानीय खड्ड के ऊपरी छोर पर अवैध खनन की मार भी आपदा प्रबंधों के लिए गड्ढे खोदने का काम करती रही। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी धरातल पर न उतरे। जब अधिकारी जागे, तब तक नुकसान के साथ कई जान जा चुकी थीं।
कुछ ऐसे ही हालत भविष्य में पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र में भी देखने को मिल सकते हैं। यहां स्थापित औद्योगिक क्षेत्र के किनारे भी खड्ड का तेज बहाव किसी से छिपा नहीं है, लेकिन अंधाधुंध पेड़ कटान व बिना जांच परखे खड्डों किनारे निर्माण जान पर भारी पड़ रहा है। संवाद
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उपायुक्त के दिशा निर्देशों से जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी रिपोर्ट को तैयार कर रही है। जल्द आगामी कुछेक दिन में रिपोर्ट उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। आगामी वर्षों में नुकसान की मार न हो, इसके लिए लांग एवं शार्ट टर्म के प्रबंधों पर विचार कर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।
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-महेंद्र पाल गुर्जर, एडीसी, ऊना
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